न्यूज स्टॉपेज डेस्क
रांची नगर निगम के वार्ड नं० 35, स्थित देवकमल अस्पताल एवं वार्ड नं० 33. स्थित सिटी ट्रस्ट अस्पताल की जांच गुरुवार को की गई। सहायक प्रशासक के नेतृत्व में निगम की टीम ने जांच क्रम में पाया गया कि दोनों अस्पतालों के द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के चतुर्थ तिमाही तक का भुगतान किया हुआ है परन्तु, इनके द्वारा पूर्ण होल्डिंग के उपभोग की प्रकृति के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही निगम की टीम के द्वारा परिसर की मापी की गई जिसपर क्षेत्रफल में अंतर पाया गया। मालूम हो कि रांची नगर निगम के राजस्व शाखा की टीम के द्वारा निगम क्षेत्रांतर्गत लगातार होल्डिंग टैक्स व ट्रेड लाइसेंस की जांच करते हुए विभिन्न भवनों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
लगभग आधे क्षेत्रफल का दिया जा रहा था टैक्स
पूर्व में देवकमल अस्पताल द्वारा 15376.80 sq.ft. क्षेत्र का निर्धारण किया गया था। मगर मापी के उपरांत 25959 sq.ft. क्षेत्रफल पाया गया। इसी प्रकार पूर्व में सिटी ट्रस्ट अस्पताल द्वारा 22710 sq.ft क्षेत्र का निर्धारण किया गया था। मगर मापी के उपरांत 66775 sq.ft क्षेत्रफल पाया गया।
तीन दिनों के अंदर री- असेसमेंट करते हुए टैक्स जमा करने का निर्देश
सहायक प्रशासक के द्वारा दोनों अस्पताल को तीन दिनों के भीतर री-असेसमेंट कराते हुए घृतिकर का भुगतान करने का निर्देश दिया गया। जांच टीम में सहायक प्रशासक चंद्रदीप कुमार के अलावा नगर प्रबंधक, निगम के कर संग्रहकर्ता एवं एजेंसी के कर संग्रहकर्ता उपस्थित थे।
सेंट्रो मॉल ने किया लगभग 12 लाख का भुगतान
रांची नगर निगम की जांच टीम के द्वारा दिनांक 15.02.2025 को सेंट्रो मॉल की जांच की गई थी। प्रबंधन को री-असेसमेंट कराते हुए टैक्स का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। बता दें कि सेंट्रो मॉल के द्वारा री-असेसमेंट कराते हुए रांची नगर निगम को लगभग 12 लाख रुपए का भुगतान पेनल्टी के साथ जमा किया गया।
निगम की अपील का समय करें होल्डिंग टैक्स का भुगतान
रांची नगर निगम की ओर से सभी नागरिकों से अपील की गई है कि अपने भवन के होल्डिंग टैक्स का भुगतान ससमय करना सुनिश्चित करें। यदि रेसिडेंशियल होल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है तो त्वरित री-असेसमेंट करवाते हुए कमर्शियल होल्डिंग लेना सुनिश्चित करें। सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस लेना सुनिश्चित करें। अगर अपने भवन परिसर में किसी नई संरचना का निर्माण किया गया है, तो उसके क्षेत्रफल का पुनर्मूल्यांकन करवाना सुनिश्चित करें।